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रुबीना दिलैक का खुलासा: माँ और सास के सपोर्ट ने बनाया मेरी पेरेंटिंग को आसान
लोकप्रिय अभिनेत्री रुबीना दिलैक ने अपनी मातृत्व यात्रा के सबसे सुखद पहलू यानी अपने 'सपोर्ट सिस्टम' पर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि उनकी माँ और सास दोनों उनकी पेरेंटिंग क्षमताओं पर पूरा भरोसा करती हैं और कभी दखल नहीं देतीं। इस अटूट विश्वास के लिए रुबीना ने दोनों को 'साष्टांग दंडवत प्रणाम' किया है। जुड़वां बेटियों की माँ रुबीना अब जल्द ही 'खतरों के खिलाड़ी 15' की शूटिंग के लिए केप टाउन रवाना होंगी।
रुबीना दिलैक का खुलासा: माँ और सास के सपोर्ट ने बनाया मेरी पेरेंटिंग को आसान
Photo Credit: Instagram
- अनोखा बंधन: रुबीना की सास उनकी पेरेंटिंग स्टाइल में कभी दखल नहीं देतीं
- सम्मान: रुबीना ने माँ और सास के सहयोग के लिए 'दंडवत प्रणाम' की इच्छा जताई
- भावुक विदाई: 'खतरों के खिलाड़ी 15' के लिए बेटियों से 40 दिन दूर रहेंगी
भारतीय टेलीविजन की सबसे सशक्त अभिनेत्रियों में से एक, रुबीना दिलैक, इन दिनों अपनी जिंदगी के सबसे खूबसूरत और चुनौतीपूर्ण पड़ाव का आनंद ले रही हैं। वर्ष 2024 में जुड़वां बेटियों का स्वागत करने के बाद से ही रुबीना अक्सर अपनी पेरेंटिंग जर्नी की झलकियां सोशल मीडिया पर साझा करती रहती हैं। हाल ही में उन्होंने एक साक्षात्कार के दौरान उस 'सपोर्ट सिस्टम' के बारे में बात की, जिसने उन्हें अपनी शर्तों पर अपने बच्चों की परवरिश करने की आज़ादी दी है।
1. माँ और सास: समर्थन का अटूट आधार
रुबीना ने अपनी माँ और सास के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की है। अक्सर हमारे समाज में 'सास-बहू' के रिश्तों और बच्चों की परवरिश को लेकर मतभेदों की खबरें आती हैं, लेकिन रुबीना का अनुभव बिल्कुल अलग और प्रेरणादायक है। उन्होंने IANS के साथ बातचीत में कहा कि वे खुद को बहुत भाग्यशाली मानती हैं कि उनके जीवन में इतने समझदार बड़े हैं।
रुबीना ने भावुक होते हुए कहा, "मैं अपनी माँ और अपनी सासु माँ, दोनों को 'साष्टांग दंडवत प्रणाम' करना चाहती हूँ। मेरी सासु माँ यह सुनिश्चित करती हैं कि मेरी पेरेंटिंग स्टाइल में कोई दखलंदाजी न हो, जबकि मेरी माँ मुझे उन तरीकों से गाइड करती हैं जो मेरे बच्चों के लिए फायदेमंद हों।" रुबीना के अनुसार, यह संतुलन ही उन्हें एक बेहतर माता-पिता के रूप में विकसित होने में मदद कर रहा है।
2. भरोसे की शक्ति और पेरेंटिंग की सीमाएं
रुबीना का मानना है कि जब घर के बड़े आपके फैसलों पर विश्वास करते हैं, तो इससे न केवल आत्मविश्वास बढ़ता है बल्कि स्पष्टता भी आती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दादा-दादी या नाना-नानी की भूमिका दखल देने के बजाय सहयोग करने की होनी चाहिए। रुबीना ने कहा, "बड़ों को यह विश्वास करना चाहिए कि उनके बच्चे अपने बच्चों के लिए सबसे सही चुनाव कर रहे हैं।" यह विश्वास ही रुबीना को अपनी बेटियों की परवरिश में स्वतंत्रता और मानसिक शांति प्रदान करता है।
3. जुड़वां बेटियों के साथ नया जीवन
रुबीना और उनके पति अभिनव शुक्ला की जोड़ी सोशल मीडिया पर 'पेरेंटिंग गोल्स' देती नज़र आती है। 2024 में अपनी बेटियों के आने के बाद से उनकी दुनिया पूरी तरह बदल गई है। रुबीना अक्सर उन छोटे-छोटे पलों को संजोती हैं जो मातृत्व को खास बनाते हैं। अभिनव भी एक 'हैंड्स-ऑन' पिता के रूप में रुबीना का पूरा साथ दे रहे हैं।
4. काम और बच्चों के बीच का संतुलन
रुबीना केवल एक समर्पित माँ ही नहीं हैं, बल्कि वे अपने करियर को लेकर भी उतनी ही संजीदा हैं। वे जल्द ही स्टंट रियलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी 15' में नज़र आने वाली हैं और इसकी शूटिंग के लिए वे केप टाउन यात्रा करेंगी।
उन्होंने स्वीकार किया कि अपनी बेटियों से 40 दिनों तक दूर रहना उनके लिए सबसे कठिन भावनात्मक चुनौती होगी। उन्होंने कहा, "मैं उनकी गूँज, उनकी झप्पी और उनकी मौजूदगी को बहुत याद करूँगी।" लेकिन रुबीना मानती हैं कि काम और परिवार के बीच संतुलन बनाना ही आज की महिला की असली ताकत है

Photo Credit: Instagram
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