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एस्ट्रोलॉजी

  • बाहरी हालातों के गुलाम न बनें: सद्गुरु ने बताया अपनी आंतरिक केमिस्ट्री सुधारने का गुप्त मार्ग

    सद्गुरु के अनुसार शाम्भवी महामुद्रा एक चमत्कारिक 21 मिनट की प्रक्रिया है जो शरीर और मन के कायाकल्प में मदद करती है। यह अभ्यास आपकी आंतरिक केमिस्ट्री को बदलकर एक विशेष प्रकार की प्रसन्नता पैदा करता है। मात्र 6 हफ्तों के अभ्यास से आप बाहरी दबावों से मुक्त हो जाते हैं और आपकी ऊर्जा इतनी व्यवस्थित हो जाती है कि आपके संकल्प और इच्छाएं स्वाभाविक रूप से साकार होने लगती हैं। यह स्वयं पर नियंत्रण पाने की एक वैज्ञानिक विधि है।
    बाहरी हालातों के गुलाम न बनें: सद्गुरु ने बताया अपनी आंतरिक केमिस्ट्री सुधारने का गुप्त मार्ग
  • बदलाव जादू नहीं, रोज की मेहनत है: सद्गुरु ने बताया कैसे पायें रूहानी शांति

    आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु के अनुसार, ईशा योग केंद्र की हरियाली रातों-रात नहीं आई, बल्कि वर्षों के पोषण का परिणाम है। वे कहते हैं कि जिस तरह हमें किसी ने पाल-पोसकर बड़ा किया, वैसे ही हमारा कर्तव्य है कि हम हर जीवन का सम्मान करें। इस गर्मी वे एक विशेष 'शपथ' लेने की सलाह देते हैं: "मुंह से एक भी कड़वा शब्द न निकालें।" यह आत्म-संयम ही वास्तविक आंतरिक परिवर्तन की शुरुआत है।
    बदलाव जादू नहीं, रोज की मेहनत है: सद्गुरु ने बताया कैसे पायें रूहानी शांति
  • मूलांक के हिसाब से चुनें अपना चश्मा: डॉ. जय मदान के ये टिप्स दिलाएंगे पावर और सफलता

    प्रसिद्ध न्यूमरोलॉजिस्ट डॉ. जय मदान के अनुसार, यह 'सूर्य का वर्ष' है और सही सनग्लासेस चुनकर आप शक्ति, विकास और प्रेम को अपनी ओर आकर्षित कर सकते हैं। उन्होंने मूलांक 1 से 9 तक के जातकों के लिए विशेष रंगों और स्टाइल का सुझाव दिया है। मूलांक 1 के लिए गोल्डन, 5 के लिए हरा और 8 के लिए नीला चश्मा भाग्यशाली माना गया है। अपने मूलांक के अनुसार सही चुनाव कर आप अपनी सफलता के मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।
    मूलांक के हिसाब से चुनें अपना चश्मा: डॉ. जय मदान के ये टिप्स दिलाएंगे पावर और सफलता
  • पंचतत्वों से उपचार का रहस्य: जय मदान ने बताया कैसे 'जल' और 'वायु' बदलेंगे आपकी किस्मत

    मशहूर ज्योतिषी जय मदान के अनुसार, हमारा शरीर पांच महाभूतों (अग्नि, वायु, जल, पृथ्वी और आकाश) से बना है और इन्हीं के माध्यम से हम स्वयं को 'हील' कर सकते हैं। भावनाओं से जुड़ी समस्याओं के लिए 'जल तत्व' का उपचार प्रभावी है, क्योंकि हमारी शारीरिक प्रतिक्रियाएं (आंसू, पसीना) भावनाओं पर आधारित होती हैं। वहीं, बेहतर संवाद और प्रसिद्धि के लिए 'वायु तत्व' का संतुलित होना जरूरी है, जिसे प्राणायाम और सचेत पौधारोपण से ठीक किया जा सकता है।
    पंचतत्वों से उपचार का रहस्य: जय मदान ने बताया कैसे 'जल' और 'वायु' बदलेंगे आपकी किस्मत
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  • शनि का महापरिवर्तन: जय मदान ने बताए 16 मई से किस्मत चमकाने के 3 जादुई उपाय

    मशहूर ज्योतिषी जय मदान के अनुसार, 16 मई रात 10:37 बजे से शनि देव रेवती नक्षत्र में प्रवेश कर रहे हैं। यह गोचर जीवन के रुके हुए कार्यों को पूरा करने और आर्थिक समृद्धि पाने का एक दुर्लभ अवसर है। जय मदान ने इस दौरान उत्तर-पूर्व में मछली का चित्र लगाने, काली मिर्च युक्त मखाना खाने और दक्षिण-पश्चिम में हथिनी की तस्वीर रखने जैसे तीन विशेष उपाय सुझाए हैं, जो अक्टूबर तक प्रभावी रहेंगे।
    शनि का महापरिवर्तन: जय मदान ने बताए 16 मई से किस्मत चमकाने के 3 जादुई उपाय
  • क्या लोग अक्सर आपकी बातों का गलत मतलब निकालते हैं? जया मदान से जानें इसके पीछे का गहरा राज

    मशहूर एस्ट्रोलॉजर जय मदान ने इस वीडियो में पंचतत्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश) के माध्यम से हीलिंग के महत्व को समझाया है। उन्होंने बताया कि हमारी भावनाएं जल तत्व से जुड़ी होती हैं, जैसे आंसू और पसीना। वहीं, बातचीत में आने वाली दिक्कतों का कारण वायु तत्व का असंतुलन है। जय मदान ने इसे ठीक करने के लिए प्राणायाम और पौधे लगाने जैसे आसान उपाय बताए हैं, जिससे जीवन में मानसिक शांति और स्पष्टता आती है।
    क्या लोग अक्सर आपकी बातों का गलत मतलब निकालते हैं? जया मदान से जानें इसके पीछे का गहरा राज
  • दायां हाथ देखें या बायां? मशहूर ज्योतिषी जया मदान से जानें आपकी हथेली शादी के बारे में क्या कहती है

    मशहूर सेलिब्रिटी एस्ट्रोलॉजर जय मदान ने सोशल मीडिया पर शादी और खुशहाली से जुड़े कुछ खास उपाय साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि कैसे आप अपनी हथेली की रेखाओं से अपनी वैवाहिक स्थिति जान सकते हैं। आर्थिक रूप से स्वतंत्र लोगों को अपना दायां हाथ देखना चाहिए। रिश्तों में मधुरता के लिए हथेली पर 'ओम' और जल्दी शादी के लिए 'स्वास्तिक' का चिन्ह बनाना बहुत लाभकारी बताया गया है, जो काफी वायरल हो रहा है।
    दायां हाथ देखें या बायां? मशहूर ज्योतिषी जया मदान से जानें आपकी हथेली शादी के बारे में क्या कहती है
  • रिश्तों में कड़वाहट क्यों बढ़ती है? गौर गोपाल दास का 'टंग ट्विस्टर' वाला मंत्र

    आध्यात्मिक गुरु गौर गोपाल दास के अनुसार, जीवन और रिश्तों में अक्सर 'कड़वाहट' आ जाती है। वे 'बैटी और बटर' के टंग ट्विस्टर का उदाहरण देते हुए समझाते हैं कि जिस तरह कड़वे मक्खन को ठीक करने के लिए 'बेहतर मक्खन' की जरूरत होती है, वैसे ही हमें भी जीवन की कड़वी यादों को बेहतर आचरण से बदलना चाहिए। यदि हम कड़वे बने रहेंगे, तो हम केवल और अधिक कड़वाहट को ही अपनी ओर आकर्षित करेंगे।
    रिश्तों में कड़वाहट क्यों बढ़ती है? गौर गोपाल दास का 'टंग ट्विस्टर' वाला मंत्र
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  • मेनिफेस्टेशन का जादू: कल इन 3 राशियों के लिए खुलेंगे सफलता और नई शुरुआत के द्वार

    ज्योतिषीय गणना के अनुसार, कल ब्रह्मांड में ग्रहों की स्थिति कुछ इस प्रकार बन रही है जो 3 विशिष्ट राशियों के लिए 'मेनिफेस्टेशन' नई शुरुआत के मार्ग खोलेगी। मेष, सिंह और कुंभ राशि के जातकों के लिए यह समय पुराने बोझ को छोड़कर नए लक्ष्यों की ओर बढ़ने का है। ग्रहों का शुभ गोचर आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा, जिससे आप अपने सपनों को हकीकत में बदलने में सफल होंगे। यह बदलाव आपके करियर और निजी जीवन में खुशहाली लाएगा।
    मेनिफेस्टेशन का जादू: कल इन 3 राशियों के लिए खुलेंगे सफलता और नई शुरुआत के द्वार
  • ईगल की फोटो बदल देगी आपकी किस्मत? इन्फ्लुएंसर जय मदान ने किया खुलासा

    मशहूर ज्योतिषी डॉ. जय मदान ने ईगल के प्रतीक के महत्व पर प्रकाश डाला है। उन्होंने बताया कि ईगल शक्ति और साहस का प्रतीक है, जिसे कई देशों ने अपने राष्ट्रीय चिन्हों में अपनाया है। वास्तु के अनुसार, घर के पश्चिम-दक्षिण कोने में ईगल की फोटो लगाने से व्यक्ति के कौशल और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। जय मदान ने अपने फॉलोअर्स को उनकी जरूरतों के अनुसार ईगल की विशेष तस्वीरें भेजने का वादा भी किया है।
    ईगल की फोटो बदल देगी आपकी किस्मत? इन्फ्लुएंसर जय मदान ने किया खुलासा
  • राशि गौर ने बताए नथ पहनने के छुपे हुए स्वास्थ्य फायदे

    राशि गौर ने बताया कैसे नथ पहनना आपकी सेहत, ऊर्जा और ओवरऑल वेल-बीइंग को सपोर्ट करता है
    राशि गौर ने बताए नथ पहनने के छुपे हुए स्वास्थ्य फायदे
  • परिस्थितियों पर नहीं, प्रतिक्रिया पर रखें काबू: गौरांग दास का जीवन मंत्र

    गौरांग दास के अनुसार, जीवन में हमारे साथ क्या घटित होता है, उस पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं है। लेकिन, हम उन घटनाओं के प्रति कैसी प्रतिक्रिया देते हैं, यह पूरी तरह हमारे हाथ में है। जब हम बाहरी परिस्थितियों को बदलने की कोशिश छोड़ देते हैं और अपने आंतरिक विचारों व प्रतिक्रियाओं को सुधारने पर ध्यान केंद्रित करते हैं, तभी हमें वास्तविक मानसिक शांति और जीवन में सफलता प्राप्त होती है।
    परिस्थितियों पर नहीं, प्रतिक्रिया पर रखें काबू: गौरांग दास का जीवन मंत्र
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  • बच्चों को सुविधाओं की नहीं, आपकी 'उपस्थिति' की जरूरत है: गौरांग दास ने बताए पेरेंटिंग के नए नियम

    गौरांग दास के अनुसार, आज के माता-पिता बच्चों को बेहतरीन सुविधाएं और शिक्षा देने में तो सफल हैं, लेकिन वे अक्सर 'भावनात्मक उपस्थिति' में पीछे छूट जाते हैं। बच्चे उपदेशों से नहीं, बल्कि अपने माता-पिता के आचरण से सीखते हैं। यदि माता-पिता खुद मोबाइल या तनाव में व्यस्त हैं, तो बच्चे भी वही सीखेंगे। सच्ची पेरेंटिंग का अर्थ है बच्चों के लिए एक ऐसा सुरक्षित और प्रेमपूर्ण माहौल बनाना जहाँ उनकी उपलब्धियों से ज्यादा उनके व्यक्तित्व को महत्व दिया जाए।
    बच्चों को सुविधाओं की नहीं, आपकी 'उपस्थिति' की जरूरत है: गौरांग दास ने बताए पेरेंटिंग के नए नियम
  • IITian से संन्यासी बने गौरांग दास की सीख: बेरुखी नहीं, संवेदनशीलता ही असली मैच्योरिटी है

    गौरांग दास के अनुसार, आधुनिक दौर में लोग 'कूल' दिखने के लिए अक्सर अपनी भावनाओं को छिपाते हैं या 'परवाह न करने' का नाटक करते हैं। वे इसे Maturity समझते हैं, जबकि वास्तव में यह भावनात्मक पलायन है। सच्ची परिपक्वता अपनी कमजोरियों को स्वीकार करने, दूसरों के प्रति सहानुभूति रखने और कठिन परिस्थितियों में मौन रहने के बजाय स्पष्ट संवाद करने में है। रिश्तों की मजबूती संवेदनशीलता और आपसी जुड़ाव से आती है, बेरुखी से नहीं।
    IITian से संन्यासी बने गौरांग दास की सीख: बेरुखी नहीं, संवेदनशीलता ही असली मैच्योरिटी है
  • खुद को साबित नहीं, बेहतर बनाने पर दें ध्यान: गौर गोपाल दास का अनूठा जीवन मंत्र

    आध्यात्मिक गुरु गौर गोपाल दास का मानना है कि हमें अपनी बहुमूल्य ऊर्जा दूसरों को गलत साबित करने या खुद को श्रेष्ठ दिखाने में बर्बाद नहीं करनी चाहिए। इसके बजाय, हमें 'आत्म-सुधार' पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। जब हम खुद को भीतर से बेहतर बनाने पर काम करते हैं, तो हमारी सफलता और व्यक्तित्व खुद-ब-खुद दुनिया को जवाब दे देते हैं। दूसरों की नज़रों में खुद को साबित करना मानसिक गुलामी है, जबकि आत्म-सुधार सच्ची स्वतंत्रता है।
    खुद को साबित नहीं, बेहतर बनाने पर दें ध्यान: गौर गोपाल दास का अनूठा जीवन मंत्र
  • जीवन जीने के 3 तरीके: गौर गोपाल दास ने बताया कौन सा मार्ग आपको कहाँ ले जाएगा

    मशहूर लाइफ कोच गौर गोपाल दास के अनुसार, मनुष्य के पास जीवन जीने के तीन मुख्य विकल्प होते हैं: पूरी तरह से स्वार्थी होना, पूरी तरह से निःस्वार्थ होना, या इन दोनों के बीच का कोई रास्ता चुनना। वे समझाते हैं कि प्रत्येक मार्ग की अपनी यात्रा और अपनी मंजिल होती है। यह हमारा चुनाव है कि हम किस दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं, क्योंकि हमारा यह निर्णय ही हमारे जीवन की गुणवत्ता और मिलने वाली शांति को निर्धारित करता है।
    जीवन जीने के 3 तरीके: गौर गोपाल दास ने बताया कौन सा मार्ग आपको कहाँ ले जाएगा
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  • दूसरों के जजमेंट से कैसे बचें? गौरांग दास प्रभु ने बताया खास तरीका

    गौरांग दास प्रभु का मानना है कि हर किसी को खुश रखना नामुमकिन है। अक्सर हम दूसरों की पसंद के चक्कर में अपनी मानसिक शांति खो देते हैं। प्रभु जी के अनुसार, आपकी शांति सबसे ज्यादा कीमती है। जब आप दूसरों को खुश करने के बजाय खुद को सही रखने पर ध्यान देते हैं, तभी आप असल में सुखी और तनावमुक्त रह सकते हैं। अपनी शांति की रक्षा करना आपकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
    दूसरों के जजमेंट से कैसे बचें? गौरांग दास प्रभु ने बताया खास तरीका
  • किस्मत बदल देंगे ये रंग: डॉ. जय मदान ने बताए ग्रहों को सुधारने के उपाय

    मशहूर एस्ट्रोलॉजर डॉ. जय मदान ने बताया है कि बाएँ हाथ में काला धागा पहनना केवल फैशन नहीं, बल्कि एक ज्योतिषीय उपाय है। काला रंग शनि ग्रह से जुड़ा है जो जीवन में स्थिरता लाता है। चूंकि बायाँ हाथ ऊर्जा ग्रहण करने वाली साइड है, इसलिए यहाँ धागा पहनने से मानसिक शांति और अंतर्ज्ञान बढ़ता है। यह बिना किसी महंगे रत्न के ग्रहों की सकारात्मक ऊर्जा पाने का एक बेहद सरल और वैज्ञानिक तरीका है।
    किस्मत बदल देंगे ये रंग: डॉ. जय मदान ने बताए ग्रहों को सुधारने के उपाय
  • कृष्ण का इशारा: गौरांग दास ने बताया क्यों दुख और असफलता भी ईश्वर का वरदान हैं

    आध्यात्मिक गुरु गौरांग दास के अनुसार, जीवन में आने वाले दुख, हानि और असफलताएं इत्तेफाक नहीं, बल्कि भगवान कृष्ण की एक बड़ी योजना का हिस्सा हैं। जब कोई व्यक्ति अचानक आपका साथ छोड़ता है, तो वह वास्तव में आपका संरक्षण होता है। वहीं, सही समय पर सही व्यक्ति का मिलना और बार-बार मिलने वाली असफलताएं आपको भविष्य की बड़ी जिम्मेदारियों के लिए तैयार करती हैं। विश्वास रखें, कृष्ण हर कदम पर आपका मार्गदर्शन कर रहे हैं।
    कृष्ण का इशारा: गौरांग दास ने बताया क्यों दुख और असफलता भी ईश्वर का वरदान हैं
  • महाशिवरात्रि 2026: पार्थिव शिवलिंग पूजा कैसे करें? भवेश भीमनाथानी ने बताया

    महाशिवरात्रि पर पार्थिव शिवलिंग पूजा करने की पूरी विधि भवेश भीमनाथानी ने आसान शब्दों में बताई है। साफ मिट्टी से शिवलिंग बनाने से लेकर सही दिशा, अभिषेक और विसर्जन तक, यह पूजा शांति, सकारात्मक ऊर्जा और सच्ची भक्ति पर आधारित मानी जाती है।
    महाशिवरात्रि 2026: पार्थिव शिवलिंग पूजा कैसे करें? भवेश भीमनाथानी ने बताया