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मोटिवेशन और सेल्फ हेल्प
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गौरांग दास के मेंटल हेल्थ टिप्स: 'डर' का साथ छोड़ें और 'संभावनाओं' को अपनाएं, बदल जाएगा जिंदगी जीने का नजरिया
गौरांग दास के अनुसार, खुश रहने के लिए हमें हर स्थिति में सकारात्मक पहलू ढूंढना चाहिए। भविष्य की चिंता में घुलने के बजाय, वर्तमान में मौजूद अवसरों को देखना ही बेहतर मेंटल हेल्थ की चाबी है। अगर आप भी अपनी जिंदगी में फंसा हुआ महसूस कर रहे हैं, तो आज से ही अपनी सोच को 'डर' से 'उम्मीद' की तरफ मोड़ लें।
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14,500 की सैलरी से 20 करोड़ की नेट वर्थ तक: अंकुर वारिकू ने शेयर की अपने 'पहले 1 करोड़' की कहानी
ankur warikoo ने अपने 20 साल के वित्तीय सफर को साझा किया है। ₹14,500 की पहली सैलरी से शुरू कर, उन्होंने 33 साल की उम्र में ₹1.25 करोड़ का सालाना पैकेज हासिल किया। हालांकि, 40 की उम्र में दिवालिया होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी। आज उनकी नेट वर्थ ₹20 करोड़ से अधिक है। अंकुर का मानना है कि कंपाउंडिंग और धैर्य ही वित्तीय सफलता की असली चाबी है।
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बदलाव की शुरुआत अंदर से होती है: गौर गोपाल दास ने बताया क्यों नहीं टिक पातीं हमारी नई आदतें
मशहूर मोटिवेशनल स्पीकर गौर गोपाल दास ने जीवन में बदलाव के महत्व पर चर्चा की है। उनका कहना है कि कोई भी बाहरी प्रयास तब तक सफल नहीं होता जब तक व्यक्ति खुद को अंदर से नहीं बदलता। बाहरी बदलाव केवल कुछ समय के लिए होते हैं, लेकिन मन और विचारों से किया गया बदलाव सालों-साल और दशकों तक चलता है। यह वीडियो हमें खुद पर काम करने की प्रेरणा देता है।
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सद्गुरु की सलाह: बाहरी सफलता नहीं, आंतरिक खुशी से मिलेगा स्वस्थ मन
आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु ने बताया है कि कैसे बाहरी उपलब्धियों के पीछे भागने से हमारा मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ रहा है। उनके अनुसार, जब तक हम अपने 'आंतरिक कल्याण' पर ध्यान नहीं देंगे, तब तक सच्ची खुशी नहीं मिल सकती। जानें कैसे अपने मन को शांत और सेहतमंद रखें।
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एक बाल्टी को लात मारने से कैसे खराब हो सकते हैं आपके रिश्ते? गौर गोपाल दास ने साझा किया जीवन का बड़ा सबक
प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर गौर गोपाल दास ने आश्रम के दिनों का एक रोचक किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे एक बाल्टी को लात मारने पर उन्हें एक वरिष्ठ साधु से जीवन का अनमोल सबक मिला। यह कहानी सिखाती है कि हम वस्तुओं के साथ जैसा व्यवहार करते हैं, वही हमारे इंसानों के प्रति व्यवहार में भी झलकता है। रिश्तों को सुधारने के लिए सबसे पहले अपने माइंडसेट और रोजमर्रा के व्यवहार को व्यवस्थित करना ज़रूरी है।
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सद्गुरु ने लॉन्च की ‘डिसअपियरिंग फेसेस’, हिमालय के अनदेखे चेहरों को किया कैमरे में कैद
सद्गुरु ने अपनी नई फोटो-बुक ‘डिसअपियरिंग फेसेस’ लॉन्च की है। किताब में नेपाल और तिब्बत के दूर-दराज़ हिमालयी इलाकों में मिले लोगों की तस्वीरें शामिल हैं, जो प्रकृति के करीब रहने वाले जीवन की झलक दिखाती हैं।
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शादी से पहले खुद से पूछें ये 3 सवाल: गौरांग दास ने बताए खुशहाल शादीशुदा जिंदगी के मूल मंत्र
आध्यात्मिक गुरु गौरांग दास ने शादी के फैसले को लेकर तीन महत्वपूर्ण सवाल साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि शादी सिर्फ खुशियाँ बांटने का नाम नहीं, बल्कि ज़िम्मेदारियों को मिलकर निभाने का एक खूबसूरत सफर है। वीडियो में उन्होंने कहा कि असली प्यार वही है जो पार्टनर के मुश्किल दिनों और उनकी गलतियों के बावजूद बना रहे। साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि किसी को बदलने की उम्मीद में शादी करना भविष्य में बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है।
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जिंदगी की 5 बड़ी समस्याओं का समाधान हैं ये 5 किताबें: अंकुर वारिकू ने दिए युवाओं के लिए बेहतरीन बुक सजेशंस
मशहूर डिजिटल क्रिएटर ankur warikoo ने अपने नए वीडियो में जीवन की 5 प्रमुख समस्याओं जैसे धन प्रबंधन, ओवरथिंकिंग, समय की कमी, टालमटोल और नकारात्मक माइंडसेट के लिए 5 किताबों के सुझाव दिए हैं। उन्होंने 'Make Epic Money', 'Clear Thinking', 'Four Thousand Weeks', 'Eat That Frog!' और 'Mindset' के महत्व को समझाया है। यह वीडियो उन सभी के लिए है जो अपनी ज़िंदगी में सकारात्मक बदलाव लाकर सफलता हासिल करना चाहते हैं।
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गौर गोपाल दास ने बताया: कैसे ओवरथिंकिंग छोटी समस्याओं को बड़ा मानसिक बोझ बनाती है
प्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर गौर गोपाल दास ने समझाया है कि कैसे बहुत ज्यादा सोचने की आदत हमारी छोटी-सी समस्या को एक बड़ा भावनात्मक संकट बना देती है। इस डिजिटल स्टोरी के जरिए जानें कि कैसे आप अपनी सोच को नियंत्रित कर तनावमुक्त जीवन जी सकते हैं और मानसिक थकान से बच सकते हैं।
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सफलता की असली कुंजी: सही दृष्टिकोण और विचार की शक्ति
जानिए गौर गोपाल दास के अनुसार महानता का असली अर्थ क्या है। कैसे सही दृष्टिकोण और विचार आपकी जीवन में सफलता और उपलब्धियों को सहजता से हासिल करने में मदद करते हैं।
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गुरु पूर्णिमा पर सद्गुरु के साथ चंद्रमा और मन के जादुई संबंध को जानें
सद्गुरु के इस वीडियो के माध्यम से जानें कि कैसे चंद्रमा की किरणें हमारे मन और स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं। आधुनिक विज्ञान और प्राचीन आध्यात्मिकता के मेल से समझें कि गुरु पूर्णिमा के दिन चंद्रमा की रोशनी में ध्यान करने से कैसे आंतरिक शांति और नई ऊर्जा प्राप्त की जा सकती है।
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विवाह का निर्णय लेने से पहले स्वयं से पूछें ये तीन सवाल
विवाह से पहले गौरांग दास जी द्वारा सुझाए गए तीन महत्वपूर्ण प्रश्नों पर विचार करना अनिवार्य है। यह लेख आपको भावनात्मक तत्परता, कठिन समय में अटूट समर्थन और अपने साथी को बिना किसी शर्त के स्वीकार करने के महत्व के बारे में विस्तार से बताता है
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अंकुर वारिको का खास नुस्खा: अपने जीवन को सही दिशा में लाएं
अंकुर वारिको ने एक ऐसा चैटजीपीटी प्रॉम्प्ट साझा किया है जो आपको बताएगा कि क्या आप अपने 20s बर्बाद कर रहे हैं। अपनी आदतों और लक्ष्यों को परखें और जानें कि आपको असल में क्या बदलाव करने की ज़रूरत है ताकि आप सही दिशा में आगे बढ़ सकें
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जीवन की प्रगति पर गौर गोपाल दास के अनमोल विचार
गौर गोपाल दास जी का यह लेख हमें सिखाता है कि जीवन में अधिक पाने के लिए वर्तमान में उपलब्ध अवसरों और संसाधनों का सही और सार्थक उपयोग करना अनिवार्य है।
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दुःख नहीं, भावनाओं के उफान का प्रतीक हैं आँसू: सद्गुरु ने बताया आँखों से पानी आने का गहरा रहस्य
अक्सर हम आंसुओं को केवल दुःख से जोड़ते हैं, लेकिन सद्गुरु का मानना है कि आंसू किसी भी गहरे अनुभव का परिणाम होते हैं। जब हमारी भावनाएं, चाहे वह खुशी हो, प्यार हो या परमानंद, अपनी सीमाओं को पार कर जाती हैं, तो वे आंसुओं के रूप में बाहर आती हैं। सद्गुरु कहते हैं कि अगर आपने कभी खुशी में आंसू नहीं बहाए, तो आपने जीवन को उसकी पूरी गहराई में नहीं जिया है।
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गौरांग दास से जानिए: वफादार लोग क्यों सबसे ज्यादा चोट खाते हैं?
गौरांग दास जी बता रहे हैं कि आखिर सबसे ज्यादा वफादार और सच्चे लोग ही रिश्तों में क्यों दुखी होते हैं। जानिए वफादारी और आत्म-सम्मान के बीच का संतुलन।
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क्या आप भी भूल गए हैं मुस्कुराना? गौर गोपाल दास से सीखें बचपन की वो अनमोल खुशी वापस पाने का राज
क्या आप भी अपनी भागदौड़ भरी जिंदगी में बचपन की वो मासूम खुशी खो चुके हैं? गौर गोपाल दास जी की यह कहानी हमें याद दिलाती है कि कैसे हम अपने अंदर के बच्चे को फिर से जगाकर जीवन को तनावमुक्त और खुशहाल बना सकते हैं।
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विशुद्धि चक्र की महारत: सद्गुरु से जानें कैसे विकसित करें अलौकिक आभा और शक्ति
हमारे शरीर में सात प्रमुख ऊर्जा केंद्र या चक्र होते हैं, लेकिन इनमें से एक ऐसा है जिसे सबसे कठिन और शक्तिशाली माना जाता है। सद्गुरु के अनुसार, गले में स्थित 'विशुद्धि चक्र' पर महारत हासिल करना किसी भी साधक के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि हो सकती है।
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सलाह नहीं, सहारे की ज़रूरत: गौरांग दास ने बताया मुश्किल वक्त में मदद करने का सही तरीका
प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु गौरांग दास ने इस वीडियो में दूसरों की मदद करने के सही तरीके पर चर्चा की है। उन्होंने समझाया कि अक्सर लोग मुसीबत के समय सलाह के बजाय केवल साथ की तलाश में होते हैं। प्यासे व्यक्ति को पानी देने और कुआं खोदना सिखाने के बीच के अंतर के जरिए उन्होंने बताया कि करुणा और सहानुभूति का सही समय क्या है। यह वीडियो हमें लोगों की जरूरतों के प्रति संवेदनशील होना सिखाता है।
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सफलता की असली माप पैसा नहीं, समय और आदतें हैं: अंकुर वारिकू ने समझाया कामयाबी का नया फॉर्मूला
मशहूर क्रिएटर अंकुर वारिकू ने सफलता को मापने का एक अनोखा तरीका बताया है। उन्होंने गूगल मैप्स का उदाहरण देते हुए कहा कि कामयाबी को दूरी (जैसे पैसा या गाड़ी) के बजाय समय और निरंतरता से मापना चाहिए। उनके अनुसार, 365 दिनों तक लगातार मेहनत करना और अच्छी आदतें बनाना ही सफलता का असली राज है। आदतों की ताकत बड़े लक्ष्यों को भी छोटा बना देती है और मंजिल आसान हो जाती है।
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