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PF विड्रॉल अब सिर्फ 3 दिनों में! अनुष्का राठौड़ से जानिए EPFO के 1 बुरे और 2 अच्छे बदलाव
फाइनेंस इन्फ्लुएंसर अनुष्का राठौड़ ने सैलरीड क्लास के लिए नए ईपीएफओ नियमों (EPFO Rules) का विश्लेषण किया है। नए नियमों के तहत अब पीएफ क्लेम सिर्फ 3 दिनों में सेटल होगा और देरी होने पर अधिकारियों पर जुर्माना लगेगा। इसके साथ ही पीएफ डिडक्शन के नए नियमों के कारण कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।
PF विड्रॉल अब सिर्फ 3 दिनों में! अनुष्का राठौड़ से जानिए EPFO के 1 बुरे और 2 अच्छे बदलाव
Photo Credit: Instagram
- अनुष्का राठौड़ ने समझाए ईपीएफओ के नए नियम
- तीन दिनों में पीएफ क्लेम सेटलमेंट की नई व्यवस्था
- आंशिक निकासी के लिए अब मिलेंगे सिर्फ पांच विकल्प
मशहूर फाइनेंस इन्फ्लुएंसर अनुष्का राठौड़ ने नौकरीपेशा यानी सैलरीड क्लास के लिए एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन के नए नियमों को लेकर एक महत्वपूर्ण वीडियो साझा किया है। उन्होंने बताया कि इस महीने से लागू होने वाले नियमों में कर्मचारियों के लिए 1 बुरी खबर और 2 बेहद अच्छी खबरें शामिल हैं।
बुरी खबर: बदल सकता है आपका ईपीएफ डिडक्शन
पहले नियम के अनुसार, जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी ₹15,000 से अधिक होती थी, उनके एम्प्लॉयर के पास ईपीएफ काटने के दो विकल्प होते थे। पहला विकल्प यह था कि कंपनी बेसिक सैलरी का पूरा 12% ईपीएफ में कॉन्ट्रीब्यूट करे। दूसरा विकल्प यह था कि कंपनी ₹15,000 की वैधानिक सीमा पर फ्लैट ₹1,800 का योगदान दे। लेकिन नए नियमों के तहत अब एम्प्लॉयर के लिए फ्लैट ₹1,800 डिडक्ट करना ही अनिवार्य होगा। अगर कर्मचारी अपनी तरफ से ज्यादा योगदान देना चाहता है, तो वह वॉलंटरी प्रोविडेंट फंड के जरिए ऐसा कर सकता है, लेकिन कंपनी पर अब कर्मचारी के बढ़े हुए अमाउंट को मैच करने की कोई कानूनी बाध्यता नहीं होगी।
इन-हैंड सैलरी बढ़ेगी पर टैक्स भी बढ़ सकता है
अनुष्का ने एक चार्ट के जरिए टैक्स कैलकुलेशन को समझाते हुए बताया कि अगर किसी कर्मचारी की सीटीसी समान रहती है और कंपनी केवल अनिवार्य ₹1,800 ही डिडक्ट करती है, तो कर्मचारी की इन-हैंड सैलरी असल में बढ़ जाएगी। हालांकि, इसके साथ ही एक ध्यान रखने वाली बात यह भी है कि इन-हैंड सैलरी बढ़ने की वजह से आपकी टैक्सेबल इनकम में भी इजाफा हो सकता है, जिससे आपको अधिक टैक्स देना पड़ सकता है।
पहली अच्छी खबर: सिर्फ 3 दिनों में पीएफ क्लेम सेटलमेंट
अच्छी खबरों की बात करें तो अब EPFO में क्लेम सेटलमेंट की समय-सीमा को पूरी तरह तय कर दिया गया है। अगर आपका पीएफ क्लेम पूरी तरह से सही (Genuine) और कंप्लीट है, तो सिर्फ 3 दिनों के भीतर आपका पैसा आपके खाते में आ जाएगा। इतना ही नहीं, अगर जायज क्लेम होने के बावजूद 20 दिनों से अधिक की देरी होती है, तो कर्मचारी को सालाना 12% की दर से दंडात्मक ब्याज मिलेगा। सबसे बड़ी बात यह है कि यह ब्याज राशि संबंधित पीएफ अधिकारी की सैलरी से रिकवर की जाएगी।
दूसरी अच्छी खबर: नया ईपीएफओ पोर्टल और आसान विड्रॉल
EPFO का नया पोर्टल भी शुरू हो चुका है, जिसमें दो बड़े सकारात्मक बदलाव किए गए हैं:
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5 कारणों में सिमटे विकल्प: आंशिक निकासी के लिए पहले जहां 12-13 अलग-अलग जटिल विकल्प या कारण हुआ करते थे, अब नए पोर्टल पर केवल 5 मुख्य कारण (जैसे बीमारी, शादी, शिक्षा, घर से जुड़े काम आदि) ही दिखाई देंगे।
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एम्प्लॉयर और एम्प्लॉई दोनों शेयर की निकासी: पहले कर्मचारी केवल अपना हिस्सा और ब्याज ही निकाल पाते थे। अब नए नियमों के तहत जरूरत पड़ने पर परिस्थिति के आधार पर एम्प्लॉयर शेयर, एम्प्लॉई शेयर और ब्याज को मिलाकर कुल राशि का 75% से लेकर 100% तक निकाला जा सकता है।
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