Whosthat360Hindi
Advertisement

कच्चे तेल से लेकर चावल निर्यात तक: ईरान-इजरायल युद्ध की आग में झुलस सकता है भारत का बाजार?

ईरान-इजरायल युद्ध का भारत पर गहरा असर पड़ रहा है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से महंगाई बढ़ेगी और रुपया कमजोर होगा। साथ ही, बासमती चावल, डायमंड, टेक्सटाइल और फर्टिलाइजर उद्योगों में आपूर्ति बाधित होने से भारतीय व्यवसायों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

CA Sarthak Ahuja,Sarthak Ahuja instagram,Iran and Irseal war,CA Sarthak Ahuja age,CA Sarthak Ahuja finance,Iran-Irseal war update,Whosthat360,trending story,price of oil after war

क्रूड ऑयल से चावल निर्यात तक: मध्य-पूर्व के तनाव से कैसे प्रभावित हो रहा है भारत?

Photo Credit: Instagram

ख़ास बातें
  • ईरान युद्ध की भारत पर सीधी मार: कच्चे तेल की कीमतों और रुपये पर बढ़ा दबाव
  • बासमती, हीरा और टेक्सटाइल उद्योग पर ईरान युद्ध की मार
  • युद्ध का असर: खाद से लेकर ट्रैवल तक, हर तरफ बढ़ेगा महंगाई का दबाव

फाइनेंस इन्फ्लुएंसर सीए सार्थक आहूजा ने आगाह किया है कि मध्य-पूर्व में चल रहे संघर्ष का असर अब भारतीय अर्थव्यवस्था पर साफ दिखने लगा है। जहाँ कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी मुद्रा में अस्थिरता शुरुआती संकेत हैं, वहीं भारतीय व्यवसायों पर इसके गहरे और लंबे असर अब सामने आ रहे हैं।

1. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और महंगाई

भारत अपनी जरूरत का 85% से अधिक कच्चा तेल आयात करता है। तनाव के कारण वैश्विक कीमतें बढ़ने से पेट्रोल-डीजल महंगा होगा, लॉजिस्टिक्स का खर्च बढ़ेगा और हर क्षेत्र में महंगाई बढ़ेगी। इसका सीधा असर रुपये की कीमत पर भी पड़ेगा।

2. महंगा माल ढुलाई और बीमा

खाड़ी देशों के समुद्री रास्ते अब जोखिम भरे हो गए हैं। बीमा प्रीमियम (Insurance premium) बढ़ने और जहाजों का रास्ता बदलने से भारतीय निर्यातकों का मुनाफा घट रहा है। इसका सबसे बुरा असर MSMEs और कपड़ा निर्यातकों पर पड़ रहा है।

3. डॉलर के मुकाबले गिरता रुपया

आयात का खर्च बढ़ने और विदेशी पूंजी के बाहर जाने से रुपया कमजोर हो रहा है। इससे इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर केमिकल तक उन कंपनियों के लिए कच्चा माल महंगा हो गया है जो आयात पर निर्भर हैं।

4. अंतरराष्ट्रीय यात्रा में बाधा

उड़ानें रद्द होने और लंबे रास्तों के कारण बिजनेस ट्रेवल प्रभावित हो रहा है। टूरिज्म, एविएशन और होटल इंडस्ट्री के साथ-साथ ट्रैवल एजेंसियों और ड्यूटी-फ्री रिटेल के मुनाफे पर भी तुरंत असर पड़ा है।

5. प्रवासी भारतीयों NRI की कमाई

खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों की बचत और खर्च करने की क्षमता पर असर पड़ सकता है, जिससे भारत में उनके परिवारों द्वारा की जाने वाली खपत में कमी आ सकती है।

किन उद्योगों पर पड़ेगा सबसे गहरा असर?

  • बासमती चावल: भारत अपने बासमती निर्यात का 50% से अधिक हिस्सा ईरान और खाड़ी देशों को भेजता है। करीब 2 लाख टन चावल ट्रांजिट में फंसा है, जिससे घरेलू बाजार में सप्लाई बढ़ सकती है और दाम गिर सकते हैं।

  • जेम्स एंड ज्वेलरी: दुबई से होने वाली सोने और कच्चे हीरों की सप्लाई धीमी होने से सूरत के डायमंड हब को झटका लगा है और सोने के दाम बढ़ रहे हैं।

  • टेक्सटाइल: कच्चे तेल से जुड़े इनपुट महंगे होने से पॉलिएस्टर धागे की लागत बढ़ गई है।

  • पेंट्स, टायर और केमिकल: इन सभी उद्योगों में कच्चे माल की लागत बढ़ रही है।

  • कृषि: भारत 70% सल्फर-आधारित उर्वरक खाड़ी देशों से आयात करता है। आपूर्ति में बाधा आने से फसल बुवाई से पहले खाद का खर्च बढ़ सकता है।

  • टूरिज्म: अंतरराष्ट्रीय यात्रा कम होने से ट्रैवल सेक्टर को नुकसान हो रहा है।

For the latest Influencer News and Interviews, follow WhosThat360 on X, Facebook, Instagram and Threads. For the latest interview videos, subscribe to our YouTube channel.

Further reading: CA Sarthak Ahuja, Sarthak Ahuja instagram, Iran and Irseal war, CA Sarthak Ahuja age, CA Sarthak Ahuja finance, Iran-Irseal war update, Whosthat360, trending story, price of oil after war

संबंधित ख़बरें