सैलरी कितनी लोगे? इंटरव्यू के इस सवाल का अंकुर वारिकू वाला स्मार्ट जवाब
इंटरव्यू में "सैलरी कितनी चाहिए?" का जवाब देना अक्सर तनावपूर्ण होता है। अंकुर वारिकू सलाह देते हैं कि सबसे पहले कंपनी से उनके बजट के बारे में पूछें और फिर थोड़ा रुकें। यदि वे दबाव डालें, तो एक फिक्स्ड नंबर के बजाय अपनी रिसर्च और अनुभव के आधार पर एक रेंज बताएं। यह न केवल आपके आत्मविश्वास को दर्शाता है, बल्कि आपको मनचाहा ऑफर मिलने की संभावना भी बढ़ा देता है।
सैलरी कितनी लोगे? इंटरव्यू के इस सवाल का अंकुर वारिकू वाला स्मार्ट जवाब
Photo Credit: Instagram
- स्मार्ट पलटवार: सैलरी बताने के बजाय कंपनी से उनका बजट पूछें और रुकें
- रेंज का उपयोग: हमेशा सैलरी का एक दायरा दें, न कि फिक्स्ड नंबर
- आत्मविश्वास: सही रिसर्च और रेंज देने से आपकी वैल्यू और अनुभव झलकता है
एक सफल जॉब इंटरव्यू का सबसे कठिन हिस्सा वह नहीं होता जब आप अपनी स्किल्स के बारे में बताते हैं, बल्कि वह होता है जब एचआर आपसे पूछता है "आपकी सैलरी एक्सपेक्टेशन क्या है?" यहीं पर तय होता है कि आप अपनी काबिलियत का सही दाम पाएंगे या कम पर समझौता करेंगे। प्रसिद्ध उद्यमी और मेंटर अंकुर वारिकू ने इस सवाल को हैंडल करने के दो ऐसे तरीके बताए हैं जो आपकी 'मार्केट वैल्यू' को तुरंत बढ़ा सकते हैं।
1. गेंद उनके पाले में डालें: बजट पूछने की तकनीक
अंकुर वारिकू कहते हैं कि जब आपसे सैलरी पूछी जाए, तो तुरंत कोई नंबर न बोलें। इसके बजाय, शालीनता से पूछें "इस रोल के लिए आपकी कंपनी का बजट क्या है?" इसके बाद एक छोटा सा 'पॉज' लें।
यह मनोवैज्ञानिक रूप से बहुत प्रभावी है। अक्सर, उम्मीदवार जल्दी में बहुत कम नंबर बोल देते हैं, जिससे कंपनी का फायदा हो जाता है। जब आप उनका बजट पूछते हैं, तो संभावना है कि वे वह राशि बताएं जो आपके मनचाहे नंबर से अधिक हो। यह मौन आपके आत्मविश्वास की गवाही देता है।
2. नंबर नहीं, रेंज बताएं
यदि एचआर दोबारा दबाव डाले और कहे कि "नहीं, पहले आप अपनी उम्मीद बताएं," तो यहाँ अंकुर की दूसरी टिप काम आती है। वे कहते हैं कि कभी भी एक फिक्स्ड नंबर न बोलें। इसके बजाय एक रेंज दें
वे कहते हैं, "मेरी रिसर्च और मेरे पिछले अनुभव के अनुसार, इस शहर में इस रोल के लिए सैलरी का दायरा X से Y के बीच है, और मैं इसी के आसपास कुछ देख रहा हूँ।"
3. क्यों है 'रेंज' बताना बेहतर?
-
तैयारी का सबूत: यह दिखाता है कि आपने अपनी मार्केट वैल्यू पर रिसर्च की है।
-
लचीलापन: एक रेंज देने से कंपनी को लगता है कि आप बातचीत के लिए तैयार हैं।
-
एंकरिंग इफेक्ट: जब आप एक रेंज देते हैं, तो कंपनी अक्सर उसके ऊपरी हिस्से या बीच के नंबर पर ऑफर देने की कोशिश करती है।
4. आत्मविश्वास ही असली करेंसी है
अंकुर वारिकू का मानना है कि नेगोशिएशन केवल पैसों के बारे में नहीं है, बल्कि यह इस बारे में है कि आप खुद को कितना महत्व देते हैं। यदि आप डरकर या झिझक कर जवाब देंगे, तो आप कमजोर दिखेंगे। अपनी रिसर्च पर भरोसा रखें और शांति से अपनी बात रखें।
For the latest Influencer News and Interviews, follow WhosThat360 on X, Facebook, Instagram and Threads. For the latest interview videos, subscribe to our YouTube channel.
Further reading: Ankur Warikoo finance, ankur warikoo best, ankur warikoo advice, ankur warikoo salary, ankur warikoo address, Ankur Warikoo