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मुनव्वर फारूकी का छलका दर्द: 9 साल की उम्र में शुरू की नौकरी, पिता नहीं चाहते थे बेटा बने ड्राइवर
बिग बॉस 17 के विजेता मुनव्वर फारूकी ने अपने कठिन बचपन के बारे में बात की है। उन्होंने बताया कि कैसे आर्थिक तंगी के कारण उन्हें 9 साल की उम्र में काम करना पड़ा और 11 साल में स्कूल छोड़ दिया। मुनव्वर ने साझा किया कि उनके पिता ने उन्हें ड्राइविंग नहीं सिखाई ताकि वह उनकी तरह ड्राइवर न बनें। बचपन में देखी गई घरेलू हिंसा और नशे के कारण उन्होंने जीवन भर इन बुराइयों से दूर रहने का संकल्प लिया।
9 साल की उम्र में शुरू की नौकरी, पिता नहीं चाहते थे बेटा बने ड्राइवर
Photo Credit: Instagram
- 9 साल की उम्र में शुरू की नौकरी
- पिता नहीं चाहते थे बेटा बने ड्राइवर
- कॉमेडियन ने बचपन के संघर्षों को बताया इसकी वजह
मशहूर स्टैंड-अप कॉमेडियन और 'बिग बॉस 17' के विजेता मुनव्वर फारूकी आज सफलता के शिखर पर हैं, लेकिन यहाँ तक पहुँचने का उनका रास्ता कांटों भरा रहा है। हाल ही में एक बातचीत के दौरान, मुनव्वर ने अपने बचपन की उन कड़वी यादों को साझा किया, जिन्होंने उनके व्यक्तित्व और जीवन के फैसलों को एक नई दिशा दी। उन्होंने बताया कि कैसे अभावों और संघर्षों ने उन्हें वक्त से पहले बड़ा बना दिया।
पिता का डर और बेटे की मजबूरी
मुनव्वर ने अपने पिता के साथ अपने रिश्तों पर बात करते हुए एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि उनके पिता ने तीन दशकों से अधिक समय तक ड्राइवर के रूप में काम किया, लेकिन उन्होंने कभी मुनव्वर को ड्राइविंग सीखने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया। मुनव्वर कहते हैं, "उस समय मुझे यह पाबंदी लगती थी, लेकिन बड़े होने पर समझ आया कि पिता जी को डर था कि अगर मैं ड्राइविंग सीख गया, तो मजबूरी में मैं भी इसी पेशे में न आ जाऊं। वह नहीं चाहते थे कि जो संघर्ष उन्होंने झेला, वही मेरा भी भविष्य बने।"
जिम्मेदारियों का बोझ: 12-14 घंटे की शिफ्ट
मुनव्वर का बचपन खेल-कूद में नहीं, बल्कि जिम्मेदारियों के बीच बीता। उन्होंने खुलासा किया कि घर की आर्थिक स्थिति के कारण उन्होंने मात्र 9 साल की उम्र में काम करना शुरू कर दिया था। परिस्थितियों के चलते 11 साल की उम्र में उन्हें स्कूल छोड़ना पड़ा। वह दिन में 12 से 14 घंटे तक काम करते थे। इन शुरुआती अनुभवों ने उन्हें परिवार पालने की कठिनाई और कड़ी मेहनत की अहमियत समझा दी।
माहौल ने सिखाया क्या नहीं करना है
अपने पुराने दिनों को याद करते हुए मुनव्वर ने बताया कि वह जिस माहौल में पले-बढ़े, वहाँ उन्होंने घरेलू हिंसा और नशे के दुष्परिणामों को बहुत करीब से देखा। उनके पड़ोस में होने वाली इन घटनाओं ने उनके दिमाग पर गहरा असर डाला। लेकिन मुनव्वर ने इन नकारात्मक परिस्थितियों को खुद पर हावी नहीं होने दिया।

Photo Credit: Instagram
नशे से दूरी और सही रास्ता
मुनव्वर ने बताया कि उन्होंने बचपन में नशे के कारण बर्बाद होते घरों को देखा था, इसीलिए उन्होंने होश संभालते ही शराब और ड्रग्स से हमेशा दूर रहने का फैसला किया। उन्होंने कहा, "मैं खुद को खुशनसीब मानता हूँ कि मैंने कम उम्र में लोगों को गलत रास्तों पर तड़पते देखा। इसने मुझे सिखाया कि जीवन में किन रास्तों पर नहीं चलना है।" मुनव्वर के अनुसार, उनकी आस्था और इन अनुभवों ने उन्हें एक बेहतर इंसान बनने और सही विकल्प चुनने में मदद की।
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