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दूसरों से तुलना करना छोड़ दें! सद्गुरु ने दी जीवन बदलने वाली सलाह
आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु ने तुलना की मानसिकता पर कड़ा प्रहार किया है। उनका कहना है कि दूसरों के कपड़े, कार या घर से अपनी तुलना करना जीवन को बर्बाद कर देता है। यह हमें बाहरी चीजों का गुलाम बना देता है। इसके बजाय, हमें अपनी रचनात्मकता पर ध्यान देना चाहिए और यह सोचना चाहिए कि हम क्या नया बना सकते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि इंसान को केवल रोजी-रोटी की चिंता में अपनी प्रतिभा नहीं खोनी चाहिए।
सद्गुरु ने बताया कि तुलना से जीवन कैसे बर्बाद होता है।
Photo Credit: Instagram
- दूसरों से आगे निकलने की होड़ आपको गुलाम बना देगी
- अपनी जिंदगी में कुछ नया बनाने पर ध्यान दें: सद्गुरु
- रोजी-रोटी की चिंता छोड़कर खुद की काबिलियत को पहचानें
क्या आप भी अक्सर सोशल मीडिया पर दूसरों की लग्जरी लाइफ देखकर दुखी हो जाते हैं? आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपनी खुशियों को अक्सर दूसरों की चीजों से नापने लगते हैं। इसी गंभीर मुद्दे पर आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु ने एक बहुत ही प्रेरणादायक वीडियो साझा किया है, जो इंटरनेट पर काफी चर्चा बटोर रहा है।
तुलना का खतरनाक जाल
सद्गुरु कहते हैं कि अगर आप हमेशा यह देखते रहेंगे कि किसके पास बेहतर कपड़े हैं, कौन महंगी कार चला रहा है या किसका घर आपके घर से बड़ा है, तो समझ लीजिए कि आपकी जिंदगी बर्बाद हो गई है। यह एक ऐसा अंतहीन सिलसिला है जिसका कोई अंत नहीं है। आप जीवन में चाहे जितना भी हासिल कर लें, हमेशा कोई न कोई ऐसा जरूर होगा जिसके पास आपसे कुछ बेहतर या नया होगा।
गुलामी से बचें
जब हम दूसरों से अपनी तुलना करते हैं, तो हम अनजाने में ही बाहरी चीजों के गुलाम बन जाते हैं। सद्गुरु का मानना है कि इस तरह की फालतू सोच में पड़कर हम अपनी मानसिक शांति खो देते हैं। हमें अपनी जिंदगी को दूसरों के बनाए हुए पैमाने पर नहीं, बल्कि अपने खुद के विकास के हिसाब से जीना चाहिए। इस तरह की मानसिक गुलामी से बाहर निकलना एक खुशहाल जीवन के लिए बहुत जरूरी है।
कुछ नया बनाने की सोच
सद्गुरु ने एक बहुत ही गहरी बात कही है। वह कहते हैं कि यह सोचने के बजाय कि मुझे क्या मिलेगा, हमें यह सोचना चाहिए कि हम इस दुनिया में क्या नया बना सकते हैं? जब आप कुछ नया रचने या 'क्रिएशन' पर ध्यान देते हैं, तो आपकी जिंदगी का नजरिया ही बदल जाता है। तब आपको दूसरों से आगे निकलने की जरूरत नहीं पड़ती, बल्कि आप खुद को बेहतर बनाने में लग जाते हैं।
रोजी-रोटी की चिंता छोड़ें
अक्सर लोग अपनी शिक्षा और करियर को लेकर बहुत ज्यादा तनाव में रहते हैं। सद्गुरु इस पर चुटकी लेते हुए कहते हैं कि जब एक छोटा सा केंचुआ अपनी रोजी-रोटी का जुगाड़ कर सकता है, तो इतने पढ़े-लिखे इंसान को इसकी इतनी चिंता क्यों करनी चाहिए? इंसान के पास इतना विकसित दिमाग है, फिर भी वह सिर्फ पेट भरने की चिंता में अपनी पूरी ऊर्जा बर्बाद कर देता है। हमें अपनी काबिलियत पर भरोसा करना चाहिए।
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Further reading: Sadhguru 10 love quotes
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