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एस्ट्रोलॉजर जय मदान की चेतावनी: वॉशरुम में फोन ले जाने की आदत कहीं आपको कंगाल न कर दे!

क्या आप भी वॉशरुम में फोन लेकर जाते हैं? डॉ. जय मदान ने इस वीडियो में वास्तु और ज्योतिष के अनुसार इसके बड़े नुकसानों के बारे में बताया है। उनके मुताबिक, बाथरूम एक तामसिक ऊर्जा की जगह है जो चीजों को ड्रेन करती है। चूंकि फोन आज हमारा मनी वॉलेट और अवसरों का माध्यम है, इसलिए टॉयलेट सीट पर इसका इस्तेमाल करने से हमारी क्रिएटिविटी, धन और जीवन के बड़े मौके ड्रेन होने लगते हैं।

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एस्ट्रोलॉजर जय मदान की चेतावनी: वॉशरुम में फोन ले जाने की आदत कहीं आपको कंगाल न कर दे!

Photo Credit: Instagram

ख़ास बातें
  • बाथरूम की तामसिक ऊर्जा आपके जीवन पर असर डालती है
  • स्मार्टफोन ही आज के समय में आपका असली बटुआ है
  • कमोड पर फोन चलाने से क्रिएटिविटी और मौके ड्रेन होते हैं

आज के डिजिटल युग में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का एक ऐसा अनिवार्य हिस्सा बन चुका है जिससे हम एक पल के लिए भी दूर नहीं रह पाते। यहाँ तक कि सुबह सोकर उठने के बाद सीधे वॉशरुम जाते समय भी फोन हमारे हाथों में होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी यह छोटी सी आदत आपकी किस्मत, करियर और पैसों की बरकत को पूरी तरह से प्रभावित कर सकती है? देश की जानी-मानी एस्ट्रोलॉजर और वास्तु विशेषज्ञ डॉ. जय मदान ने इस गंभीर विषय पर प्रकाश डालते हुए इसके पीछे के ज्योतिषीय और वास्तु कारणों को बहुत ही आसान शब्दों में समझाया है।

बाथरूम की 'तामसिक ऊर्जा' और ड्रेनेज का खेल

जय मदान के अनुसार, बाथरूम या वॉशरुम चाहे दिखने में कितना ही आधुनिक और सुंदर क्यों न हो, वास्तु के नजरिए से वह हमेशा एक तामसिक ऊर्जा  का केंद्र होता है। बाथरूम का मुख्य काम शरीर की गंदगी को साफ करना और अवांछित तत्वों को बाहर बहाना होता है।

जब आप सुबह उठते ही सबसे पहले अपना फोन लेकर वॉशरुम में जाते हैं और वहाँ बैठकर अपने काम के मैसेजेस या सोशल मीडिया स्क्रोल करने लगते हैं, तो आप अनजाने में ही अपनी सकारात्मक ऊर्जा, अपनी रचनात्मकता और अपने काम के आउटपुट को उस तामसिक जगह पर ड्रेन  कर रहे होते हैं।

स्मार्टफोन: सिर्फ एक गैजेट नहीं, आपका 'बटुआ' है

एक बेहद व्यावहारिक उदाहरण देते हुए जय मदान कहती हैं कि आज के समय में आपका फोन केवल बातचीत का जरिया नहीं है, बल्कि यह आपका 'डिजिटल वॉलेट' भी है। आज हम यूपीआई, पेटीएम या गूगल पे के जरिए इसी फोन से पैसों का लेन-देन करते हैं।

वे एक सवाल पूछती हैं कि "क्या आप कभी अपने कैश या पैसों से भरे असली बटुए को ले जाकर टॉयलेट सीट पर रखेंगे?" निश्चित रूप से आपका जवाब 'ना' होगा। तो फिर आप अपने इस डिजिटल बटुए को टॉयलेट सीट पर बैठकर इस्तेमाल क्यों कर रहे हैं? ऐसा करना आपके धन और आने वाले बेहतरीन मौकों की बर्कत को पूरी तरह से खत्म कर देता है।

शादीशुदा जिंदगी पर भी पड़ता है असर

इस आदत का एक व्यावहारिक और मजाकिया पहलू साझा करते हुए जय मदान बताती हैं कि जब आप वॉशरुम में फोन लेकर जाते हैं, तो स्क्रोलिंग के चक्कर में आप जरूरत से ज्यादा समय वहाँ बिताने लगते हैं। यदि आप शादीशुदा हैं, तो इतनी देर तक बाथरूम में रहने की वजह से बाहर आपका पार्टनर आप पर शक भी कर सकता है कि आखिर आप अंदर इतनी देर तक फोन पर क्या कर रहे हैं!

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