Whosthat360Hindi
हिंदी संस्करण
Advertisement
  • होम
  • फाइनेंस
  • घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगी नई ताकत: रचना रानाडे से जानिए डिक्सन-वीवो पार्टनरशिप के मायने

घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगी नई ताकत: रचना रानाडे से जानिए डिक्सन-वीवो पार्टनरशिप के मायने

क्या डिक्सन और वीवो की नई डील भारतीय बाजार को बदल देगी? सीए रचना रानाडे के इस वीडियो के अनुसार डिक्सन टेक्नोलॉजीज, वीवो के साथ मिलकर एक जॉइंट वेंचर बना रही है जिसमें डिक्सन की 51% हिस्सेदारी होगी। नोएडा प्लांट के इस वेंचर में शामिल होने से भारत में स्मार्टफोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स के घरेलू विनिर्माण को भारी बढ़ावा मिलेगा, जो 'मेक इन इंडिया' अभियान के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

ca rachna ranade finance,ca rachna ranade finance tips,ca rachna ranade tips

घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगी नई ताकत: रचना रानाडे से जानिए डिक्सन-वीवो पार्टनरशिप के मायने

Photo Credit: Instagram

ख़ास बातें
  • डिक्सन और वीवो के बीच बड़ी साझेदारी.
  • डिक्सन के पास होगी इक्यावन प्रतिशत हिस्सेदारी.
  • घरेलू स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा भारी बढ़ावा.

भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चर का हब बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। फाइनेंस इन्फ्लुएंसर सीए रचना रानाडे ने अपने हालिया वीडियो में डिक्सन टेक्नोलॉजीज और वीवो के बीच होने वाली बड़ी साझेदारी पर विस्तार से चर्चा की है। दोनों कंपनियों ने दिसंबर 2024 में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत डिक्सन इस नए वेंचर में 51% की हिस्सेदारी हासिल कर मेजॉरिटी शेयरहोल्डर बन जाएगी, जबकि वीवो के पास 49% हिस्सेदारी रहेगी।

नोएडा फैसिलिटी बनेगी वेंचर का हिस्सा

रचना रानाडे बताती हैं कि रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के नोएडा में स्थित वीवो की मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी भी इस प्रस्तावित ज्वाइंट वेंचर का हिस्सा बन सकती है। यह प्लांट न केवल वीवो के स्मार्टफोन बनाने का काम संभालेगा, बल्कि इसके जरिए अन्य बड़े ब्रांड्स के लिए भी इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स और मोबाइल फोन तैयार किए जा सकते हैं।

यह डील क्यों है इतनी महत्वपूर्ण?

इस साझेदारी की अहमियत को आंकड़ों के जरिए समझाते हुए रचना रानाडे बताती हैं कि वीवो भारत के सबसे बड़े स्मार्टफोन ब्रांड्स में से एक है, जिसने साल 2025 में लगभग 3.5 करोड़ स्मार्टफोन बेचे हैं। दूसरी तरफ, डिक्सन टेक्नोलॉजीज ने भी अकेले 2025 में करीब 3.2 करोड़ मोबाइल फोन का निर्माण किया है। ऐसे में देश के सबसे बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माताओं में से एक और सबसे बड़े स्मार्टफोन ब्रांड्स में से एक का साथ आना बाजार के समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है। यह कदम भारत सरकार के घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन  को बढ़ावा देने के विज़न को काफी मजबूती प्रदान करेगा।

For the latest Influencer News and Interviews, follow WhosThat360 on X, Facebook, Instagram and Threads. For the latest interview videos, subscribe to our YouTube channel.

Further reading: ca rachna ranade finance, ca rachna ranade finance tips, ca rachna ranade tips

संबंधित ख़बरें