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शेयर बाजार में भारत को लगा बड़ा झटका: ताइवान और दक्षिण कोरिया निकले आगे; जानें गिरावट के 3 बड़े कारण

दुनिया के शेयर बाजार में भारत की रैंकिंग में बड़ी गिरावट आई है। हाल तक दुनिया का 5वां सबसे बड़ा बाजार रहने वाला भारत अब फिसलकर 7वें स्थान पर आ गया है। सीए रचना रानाडे के अनुसार, एआई (AI) और सेमीकंडक्टर की बढ़ती मांग ने ताइवान और दक्षिण कोरिया को जबरदस्त बढ़त दिलाई है। विदेशी निवेशकों का भारतीय बाजार से पैसा निकालना और एआई हार्डवेयर क्षेत्र में किसी बड़ी भारतीय कंपनी का न होना इस गिरावट की मुख्य वजहें हैं।

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शेयर बाजार में भारत को लगा बड़ा झटका: ताइवान और दक्षिण कोरिया निकले आगे; जानें गिरावट के 3 बड़े कारण

Photo Credit: Instagram

ख़ास बातें
  • भारत दुनिया का 5वां सबसे बड़ा शेयर बाजार था, अब 7वां है
  • एआई और सेमीकंडक्टर की लहर से ताइवान-दक्षिण कोरिया को फायदा
  • विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से बड़ी मात्रा में पैसा निकाला

भारतीय शेयर बाजार, जिसे 'दलाल स्ट्रीट' के नाम से जाना जाता है, के लिए पिछले कुछ हफ्ते चुनौतीपूर्ण रहे हैं। कुछ समय पहले तक भारत दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा शेयर बाजार था, लेकिन अब यह फिसलकर सातवें स्थान पर आ गया है। मशहूर फाइनेंस इन्फ्लुएंसर सीए रचना रानाडे ने अपने ताजा विश्लेषण में बताया है कि कैसे ताइवान और दक्षिण कोरिया ने भारत को पछाड़कर बाजार पूंजीकरण में बढ़त हासिल की है।

अंकों का गणित और एआई का जादू
जून 2026 के आंकड़ों के अनुसार, भारत का मार्केट कैप लगभग 4.85 ट्रिलियन डॉलर है। वहीं, दक्षिण कोरिया 5 ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर चुका है और ताइवान भी लगभग 5 ट्रिलियन डॉलर के करीब पहुंच गया है। इस बड़े बदलाव के पीछे सबसे बड़ा कारण 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' की वैश्विक लहर है।

ताइवान कैसे निकला आगे?
ताइवान की सफलता का सबसे बड़ा राज TSMC है। यह दुनिया की सबसे बड़ी सेमीकंडक्टर बनाने वाली कंपनी है। आज दुनिया की हर बड़ी एआई कंपनी, चाहे वह एनवीडिया  हो या एप्पल  चिप्स के लिए TSMC पर निर्भर है। जैसे-जैसे एआई पर खर्च बढ़ा, TSMC की वैल्यूएशन रॉकेट की तरह ऊपर गई और उसने पूरे ताइवानी शेयर बाजार को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया।

दक्षिण कोरिया की जीत की वजह
दक्षिण कोरिया ने भी एआई की इसी लहर का फायदा उठाया। एआई डेटा सेंटर्स को भारी मात्रा में एडवांस 'मेमोरी चिप्स' की जरूरत होती है। दक्षिण कोरिया की दिग्गज कंपनियां जैसे सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और SK Hynix इस क्षेत्र की ग्लोबल लीडर हैं। वैश्विक निवेशकों ने इन सेमीकंडक्टर दिग्गजों में जमकर पैसा लगाया, जिससे दक्षिण कोरिया का मार्केट कैप भारत से ऊपर निकल गया।

भारत इस रेस में कहाँ पिछड़ा?
रचना रानाडे के अनुसार, भारत के पिछड़ने के तीन प्रमुख कारण हैं:

  1. विदेशी निवेशकों का निकास : विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से अरबों डॉलर निकाल लिए हैं।

  2. धीमी कमाई : भारतीय कंपनियों की कमाई की विकास दर उम्मीद से थोड़ी धीमी रही है।

  3. एआई हार्डवेयर लीडर की कमी: ताइवान के पास TSMC और कोरिया के पास सैमसंग जैसी एआई हार्डवेयर कंपनियां हैं, लेकिन भारत के पास अभी तक शेयर बाजार में लिस्टेड ऐसी कोई बड़ी एआई हार्डवेयर दिग्गज कंपनी नहीं है।

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