'सबसे गंदा देश' टिप्पणी पर विवाद के बाद शहनाज़ ट्रेज़री ने दिया करारा जवाब
ट्रैवल क्रिएटर शहनाज़ ट्रेज़री ने श्रीलंका के एक व्लॉग में भारत की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाकर बड़ी बहस छेड़ दी। उन्होंने कहा कि गंदगी और साफ-सफाई की कमी की वजह से भारत के पर्यटन को नुकसान हो रहा है। शहनाज़ ने श्रीलंका की साफ सार्वजनिक जगहों और बेहतर पर्यटन अनुभव की तारीफ की, लेकिन उनकी टिप्पणियों पर सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उन्हें "एंटी-नेशनल" कहकर आलोचना की। जवाब में शहनाज़ अपनी बात पर कायम रहीं और कहा कि सच्ची देशभक्ति का मतलब साफ सड़कें, कूड़ा फैलाने वालों पर सख्त जुर्माना और सार्वजनिक जगहों पर गंदगी को सामान्य मानने की सोच को खत्म करना है।
"सबसे गंदा देश" टिप्पणी पर ट्रोलिंग के बाद शहनाज़ ट्रेज़री का जवाब
Photo Credit: Instagram
- शहनाज़ की "सबसे गंदा देश" टिप्पणी पर विवाद छिड़ा।
- सोशल मीडिया पर उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा।
- उन्होंने कहा, बदलाव के लिए सख्त जुर्माने ज़रूरी हैं।
ट्रैवल कंटेंट क्रिएटर शहनाज़ ट्रेज़री ने भारत में सफाई को लेकर की गई अपनी टिप्पणी के बाद उठे विवाद पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा था कि गंदगी और साफ-सफाई की कमी की वजह से भारत पर्यटन के मामले में नुकसान उठा रहा है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर लोगों के बीच बहस शुरू हो गई।
श्रीलंका के वीडियो से शुरू हुआ विवाद
शहनाज़ ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने श्रीलंका और भारत की सफाई की तुलना की। वीडियो में उन्होंने श्रीलंका की साफ सड़कों और सार्वजनिक जगहों की तारीफ की और कहा कि वहां बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक आते हैं।
उन्होंने कहा कि श्रीलंका भारत के बिल्कुल पास है, फिर भी वहां ज्यादा विदेशी पर्यटक आते हैं और वे ज्यादा पैसा भी खर्च करते हैं। उनके मुताबिक, इसकी एक बड़ी वजह वहां की साफ-सफाई है।
रेलवे स्टेशन पर लगे डस्टबिन दिखाते हुए शहनाज़ ने कहा, "देखिए यहां कितने अच्छे डस्टबिन हैं। यहां कितने विदेशी लोग घूमने आते हैं। भारत पर्यटन में पीछे रह रहा है क्योंकि हम सफाई का ध्यान नहीं रखते। हमारे देश में भी बहुत ज्यादा पर्यटक आ सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। सच कहें तो हम दुनिया के सबसे गंदे देशों में गिने जाते हैं।"
"हम गंदगी को सामान्य क्यों मानते हैं?"
वीडियो के कैप्शन में शहनाज़ ने सवाल उठाया कि भारत में लोग आज भी सड़कों और सार्वजनिक जगहों पर कूड़ा क्यों फेंकते हैं और थूकते हैं। उन्होंने लिखा, "देश से प्यार सिर्फ झंडा लहराने या नारे लगाने से नहीं होता, बल्कि अपने देश को साफ रखने से भी होता है।"
उन्होंने यह भी पूछा कि कूड़ा फैलाने और सार्वजनिक जगहों पर थूकने वालों पर सख्त जुर्माना क्यों नहीं लगाया जाता। शहनाज़ ने लिखा, "लोग हर जगह कूड़ा फेंकते हैं और थूकते हैं, फिर भी उन पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? हम गंदगी को आम बात क्यों मान लेते हैं? हमारी नदियां प्लास्टिक से क्यों भरी हैं? पहाड़ों, समुद्र किनारों और मंदिरों के पास पर्यटकों को कचरा क्यों दिखाई देता है?"
उनके इस वीडियो के बाद कुछ लोगों ने सफाई को लेकर उठाए गए मुद्दों का समर्थन किया, जबकि कुछ लोगों ने उनकी बातों की आलोचना भी की।

Photo Credit: Instagram
शहनाज़ ने यह भी दावा किया कि साल 2025 में श्रीलंका में करीब 23.6 लाख पर्यटक पहुंचे और देश ने पर्यटन से 3.2 अरब डॉलर से ज्यादा की कमाई की। उन्होंने कहा कि कई विदेशी यात्री श्रीलंका को “ज्यादा साफ, कम भीड़भाड़ वाला और बेहतर पर्यटन अनुभव देने वाला देश” बताते हैं।
सोशल मीडिया पर लोगों ने की आलोचना
हालांकि, शहनाज़ की टिप्पणियों के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उनकी आलोचना की। कुछ यूज़र्स ने उन पर भारत की छवि खराब करने और बात को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने का आरोप लगाया। एक यूज़र ने लिखा, "ये वही लोग हैं जो विदेश जाकर ज्ञान देते हैं, लेकिन खुद यहां नियमों का पालन नहीं करते। वहीं दूसरे यूज़र ने कमेंट किया, "आप दूसरे देश से तुलना करके अपने ही देश को नीचा क्यों दिखा रही हैं और खुद को देशभक्त भी कह रही हैं?"
आलोचना पर शहनाज़ का जवाब
आलोचनाओं का जवाब देते हुए शहनाज़ ने इंस्टाग्राम स्टोरीज़ पर कहा कि वह अपनी बात पर कायम हैं।
उन्होंने लिखा, "आप मुझे ट्रोल कर सकते हैं, लेकिन मैं अपनी बात पर कायम हूं। भारत बहुत खूबसूरत है, लेकिन आज भी बहुत से लोग हर जगह थूकते हैं और कूड़ा फेंकते हैं। इसे बदलने का सबसे अच्छा तरीका है सख्त जुर्माना।"
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने हिंदी में लिखा, "तुम मुझे ट्रोल कर लो, एंटी-नेशनल बोल लो, लेकिन सच यह है कि भारत में लोग हर जगह थूकते हैं और कूड़ा फेंकते हैं। इसका एक ही समाधान है—भारी जुर्माना। थूकोगे या कूड़ा फेंकोगे, तो जेब पर असर पड़ेगा।"
"सच्ची देशभक्ति का मतलब बदलाव चाहना है"
शहनाज़ ने आगे कहा कि देशभक्ति का मतलब सिर्फ देश की हर बात को सही मान लेना नहीं है। उनके अनुसार, सच्ची देशभक्ति का मतलब साफ सड़कें, साफ हवा और बेहतर नागरिक व्यवहार की मांग करना भी है।
उन्होंने लिखा, "देशभक्ति का मतलब गंदगी, प्रदूषण, बेवजह हॉर्न बजाना, पान की पीक और पेड़ों की कटाई को चुपचाप स्वीकार करना नहीं है। सच्ची देशभक्ति अपने देश के लिए सबसे अच्छा चाहना है। साफ सड़कें, साफ हवा, ज्यादा पेड़, कम शोर और कम गंदगी चाहना ही असली देशभक्ति है।"
उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग उनकी बातों पर नाराज़ हो रहे हैं, वे भारत की रक्षा नहीं कर रहे, बल्कि गलत आदतों का बचाव कर रहे हैं।
For the latest Influencer News and Interviews, follow WhosThat360 on X, Facebook, Instagram and Threads. For the latest interview videos, subscribe to our YouTube channel.
Further reading: Shenaz Treasury, Shenaz Treasury travel, social media, news and media, Whosthat360, Shenaz Treasury latest post