- होम
- फाइनेंस
- सावधान! साइबर ठगों से बचाएं अपनी मेहनत की कमाई, अनुष्का राठौड़ ने बताया म्यूचुअल फंड 'लॉक' करने का तरीका
सावधान! साइबर ठगों से बचाएं अपनी मेहनत की कमाई, अनुष्का राठौड़ ने बताया म्यूचुअल फंड 'लॉक' करने का तरीका
SEBI ने म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए एक नया 'लॉक-इन' फीचर पेश किया है, जो बढ़ते साइबर फ्रॉड को रोकने में गेम-चेंजर साबित होगा। इस सुविधा के जरिए आप अपने फोलियो को लॉक कर सकते हैं, जिससे बिना आपकी अनुमति के यूनिट्स को बेचा या ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा। अच्छी बात यह है कि फंड लॉक होने पर भी आपकी नियमित SIP चालू रहेगी। इसे MF Central या CDSL पोर्टल के माध्यम से 2-फैक्टर ऑथेंटिकेशन के साथ आसानी से मैनेज किया जा सकता है।
सावधान! साइबर ठगों से बचाएं अपनी मेहनत की कमाई, अनुष्का राठौड़ ने बताया म्यूचुअल फंड 'लॉक' करने का तरीका
Photo Credit: Instagram
- सुरक्षा कवच: अब अपने म्यूचुअल फंड को 'लॉक' कर स्कैमर्स से बचाएं
- SIP चालू रहेगी: फंड लॉक करने पर भी निवेश जारी रहेगा, केवल बिक्री रुकेगी
- आसान प्रक्रिया: MF Central या CDSL पोर्टल से घर बैठे करें लॉक-अनलॉक
भारत में निवेश की संस्कृति तेजी से बढ़ रही है और 'म्यूचुअल फंड सही है' का नारा घर-घर पहुँच चुका है। लेकिन इस बढ़ती लोकप्रियता के साथ-साथ साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन स्कैम्स की घटनाओं में भी भारी उछाल आया है। साल 2025 के आंकड़ों के अनुसार, भारतीयों ने निवेश धोखाधड़ी में लगभग ₹22,495 करोड़ गँवा दिए। इसी कड़वी सच्चाई को देखते हुए प्रसिद्ध फाइनेंस इन्फ्लुएंसर अनुष्का राठौड़ ने SEBI के एक क्रांतिकारी सुरक्षा फीचर का पर्दाफाश किया है, जो हर SIP निवेशक के लिए एक 'सुरक्षा कवच' की तरह काम करेगा।
1. क्या है म्यूचुअल फंड 'लॉक-इन' फैसिलिटी?
अनुष्का समझाती हैं कि जैसे आप अपने बैंक अकाउंट या मोबाइल को पासवर्ड से लॉक करते हैं, वैसे ही अब आप अपने म्यूचुअल फंड फोलियो को लॉक कर सकते हैं। यह फीचर विशेष रूप से उन लोगों के लिए बनाया गया है जो लंबी अवधि के लिए निवेश कर रहे हैं और बार-बार अपना फंड नहीं बेचते। लॉक होने के बाद, कोई भी स्कैमर चाहे उसके पास आपकी कितनी भी सेंसिटिव जानकारी क्यों न हो आपके म्यूचुअल फंड यूनिट्स को रिडीम या ट्रांसफर नहीं कर पाएगा।
2. SIP पर कोई असर नहीं
सबसे बड़ा डर निवेशकों को यह होता है कि फंड लॉक करने से उनकी महीने की किश्त तो नहीं रुक जाएगी? अनुष्का इस भ्रम को दूर करती हैं। वे बताती हैं कि फोलियो लॉक करने का असर केवल 'डेबिट' पड़ता है। आपकी SIP पहले की तरह ही आपके बैंक खाते से कटती रहेगी और नई यूनिट्स आपके पोर्टफोलियो में जुड़ती रहेंगी। यानी आपकी धन-वृद्धि की रफ़्तार कम नहीं होगी, बस उसकी सुरक्षा बढ़ जाएगी।
3. कैसे काम करती है यह सुविधा?
फंड को लॉक और अनलॉक करने की प्रक्रिया बहुत ही सुरक्षित और पारदर्शी है। अनुष्का के अनुसार, इसे अनलॉक करने के लिए '2-फैक्टर ऑथेंटिकेशन' की जरूरत होती है। यानी ओटीपी और बायोमेट्रिक के बिना इसे खोला नहीं जा सकता। यदि दुर्भाग्य से आपका अकाउंट कॉम्प्रोमाइज भी हो जाता है, तब भी यह एक्स्ट्रा लेयर स्कैमर्स को आपके पैसे निकालने से रोक देगी।
4. लॉक करने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका
अनुष्का ने अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स के लिए अलग-अलग तरीके बताए हैं:
-
Zerodha Coin यूजर्स के लिए: आपको CDSL "Easiest" पोर्टल पर लॉग-इन करना होगा, क्योंकि आपके फंड्स डीमैट फॉर्मेट में होते हैं।
-
Groww और अन्य प्लेटफॉर्म्स के लिए: आप MF Central पोर्टल पर जाकर 'Lock/Unlock Folios' का विकल्प चुन सकते हैं।
-
प्रक्रिया: अपना फोलियो चुनें, विवरण भरें, ओटीपी एंटर करें और सबमिट करें।
5. कौन सी कंपनियां दे रही हैं ये सुविधा?
अनुष्का ने बताया कि कई बड़ी म्यूचुअल फंड कंपनियों जैसे 360 ONE, Baroda BNP Paribas, Franklin Templeton, ICICI Prudential और LIC ने इसे लागू कर दिया है। बाकी कंपनियां भी आने वाले महीनों में इस सुरक्षा फीचर को अपनाने वाली हैं।
For the latest Influencer News and Interviews, follow WhosThat360 on X, Facebook, Instagram and Threads. For the latest interview videos, subscribe to our YouTube channel.
Further reading: Anushka Rathod, Anushka Rathod age, Anushka Rathod finance, Anushka Rathod finance content creator, Anushka Rathod CA